सनातन धर्म में बड़ा मंगल का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि बड़ा मंगल की शुरुआत कब होगा और इसका क्या महत्व होता है?
इस साल बड़े मंगल की शुरुआत 13 मई 2025 से होगी। इस दौरान भगवान शिव जी पूजा करना शुभ होता है। इससे जीवन में आने वाली संकट दूर होते हैं।
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह का अंतिम मंगल 10 जून 2025 को है। यह महीने धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन बजरंगबली के साथ भगवान श्रीराम की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। इससे साधक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
बड़े मंगल के दिन सरसों के तेल में हल्दी मिलाकर 11 तुलसी के पत्तों पर राम नाम लिखें। इसके बाद पत्ते की माला बनाकर हनुमान जी को चढ़ाएं। इससे संकट दूर होने लगते हैं।
बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करते समय बूंदी या बेसन के लड्डू को भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा, सिंदूर, चमेली का तेल और लाल रंग का चोला चढ़ाना चाहिए।
बड़े मंगल पर हनुमान जी की मंदिर में जाकर मूर्ति के सामने चमेली के घी का दीपक जलाएं। इससे व्यक्ति के जीवन में भय नहीं आता है।
बड़ा मंगल पर पूजा करते समय ॐ हं हनुमते नम: या ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् मंत्र का जाप करें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा।
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