सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि अपरा एकादशी पर पूजा-पाठ के लिए शुभ मुहूर्त कब है?
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल 02 जून 2024 को अपरा एकादशी मनाई जाएगी। वहीं, कई जगह 03 जून को मनाई जाएगी।
ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल अपरा एकादशी तिथि की शुरुआत 02 जून को सुबह 05 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 03 जून को रात 02 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी।
अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के विशेष महत्व होता है। ऐसा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती है।
धन की कमी का सामना करने वाले लोगों को अपरा एकादशी पर ‘ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्, आ नो भजस्व राधसि।’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
दुखों का सामना कर रहे लोगों को कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने । प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः। मंत्र का जाप करना चाहिए।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए अपरा एकादशी पर ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् मंत्र का जाप करना चाहिए।
अपरा एकादशी पर चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि चावल खाने से अगले जन्म में रेंगने वाले जीव का रूप मिलता है।
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