विज्ञान और  टेक्नोलॉजी हमेशा से इंसान की ज़िन्दगी को और बेहतर बनाने में मददगार साबित हुए हैं | आज मोबाइल, लैपटॉप, आदि के बिना हम अपना जीवन अधूरा समझने लगे हैं | इसके अलावा टेक्नोलॉजी और विज्ञान ने स्वास्थ्य सम्बन्धी क्षेत्र में भी माना जाती काफी सफलताएं हासिल कर चुकी हैवहीँ दिव्यांगों को भी विज्ञान और टेक्नोलॉजी का फायदा भी मिल रहा है एक  ऐसा ही उदहारण सूरत की छात्राओं ने पेश किया है जो दिव्यांगों की ज़िन्दगी को और भी बेहतर बनाने में मददगार होगा | सूरत  की  लड़कियों ने उन लोगों के लिए दस्ताने बनाये हैं जो बोलने में असक्षम हैं | दरअसल ये दस्ताने उन लोगों के लिए हैं जो खुद अपनी बात बोल कर नहीं समझा सकते | ये दस्ताने पहन कर मूक व्यक्ति खुद तो सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल करेगा लेकिन ये दस्ताने दूसरे व्यक्ति को ये बात आवाज़ में समझा पायेंगें |