उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के एक वर्ष पूरा होने की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दैनिक जागरण के संपादक मंडल से मुलाकात में योगी ने हर सवालों के जवाब सिलसिलेवार और खुशगवार अंदाज में दिए। यह संयोग ही था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस दिन अपनी सरकार का एक साल पूरा किया, वह चैत्र प्रतिपदा नवसंवत्सर का पहला दिन भी था। उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं था कि हिंदू से अधिक सेक्युलर कोई नहीं और यह स्वीकारने में भी कोई हिचक नहीं थी कि आस्था के नाम पर वह आडंबर नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष की तरह ढोंग नहीं कर सकता। मैं मुख्यमंत्री हूं तो मेरी यह जिम्मेदारी है कि प्रदेश में हर त्योहार शांतिपूर्ण व सुरक्षित ढंग से कानून के दायरे में मनाया जाए। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो घर में माथे पर टीका लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और घर से बाहर निकलने पर टीका पोछकर सिर पर टोपी लगा लेते हैं। यदि सेक्युलरिज्म का मतलब भारत की सांस्कृतिक विरासत को गाली देना है तो ऐसा सेक्युलरिज्म मुझे अस्वीकार है। मेरा यह भी मानना है कि हिंदू धर्म ही सेक्यूलरिज्म का पर्याय है। हिंदू ही असली सेक्युलर है।