विविध रंगों से भरा भारत का एक नायाब शहर है मध्यप्रदेश का जबलपुर। इसे मध्यप्रदेश राज्य की 'संस्कारधानी' भी कहते हैं। जितना गौरवपूर्ण इस शहर का इतिहास है, उतनी ही शानदार है इसकी संस्कृति और परंपरा। नर्मदा नदी इस शहर के रग-रग में बसती है। इसे मध्यप्रदेश राज्य की 'संस्कारधानी' भी कहते हैं। गोंड और कलचुरी राजाओं के इस शहर में स्वाधीनता आंदोलन की गूंज भी सुनाई देती है। नर्मदा अगर सत्य है, ग्वारीघाट शिवम है और भेडाघाट सुंदरम है। सत्यम, शिवम, सुंदरम। जबलपुर को चर्चों का शहर भी कह सकते हैं। मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा चर्च जबलपुर में हैं। सेंट पीटर पाल चर्च को 1840 में बनाया गया। शहर में इस समय 20 से अधिक चर्च हैं। गन कैरिज फैक्टरी की शुरुआत 1864 में हुई। 1904 में यहां तोपगाडिय़ां बनने लगीं। द्वितीय विश्व युद्ध के समय 1941 में आयुध निर्माणी खमरिया तथा 1940 में केन्द्रीय आयुध डिपो शुरू हुआ।