भारत के बिहार राज्य की राजधानी पटना से सौ किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया...गयाझारखंड, बिहार की सीमा और फल्गु नदी के तट पर बसा भारत प्रान्त के बिहार राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। पौराणिक कथा के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने भी यहां आकर अपने पिता राजा दशरथ का पिंडदान किया था और यहीं पर बुद्धत्व प्राप्त कर राजकुमार सिद्धार्थ भगवान बुद्ध बने थे। इसीलिए इसे ज्ञान और मोक्ष की भूमि माना जाता है। लोगों की इस शहर के प्रति अगाध श्रद्धा ही है जिसके कारण इसे गयाजीभी कहा जाता है। यहां लोग अपने पूर्वजों को तर्पण अर्पण कर मोक्ष दिलाने आते हैं। वैसे तो पिंडदान और तर्पण के लिए देश में कई स्थल हैं, लेकिन उसमें सर्वश्रेष्ठ बिहार के गया को माना गया है। बोधगया में महाबोधि मंदिर के अलावा विभिन्न बौद्ध देशों के दो दर्जन से अधिक मंदिर और मठ हैं। जापान के दायजोक्यो का दाइबुत्सु यानि तकरीबन 80 फीट की विशाल बुद्ध की प्रतिमा पर्यटकों के लिए दर्शनीय है। इसके अलावा गया का विष्णुपद मंदिर, सूर्य मंदिर और ब्रह्मयोनि पहाड़ी यहां के मुख्य दर्शनीय स्थलों में से एक है।