फेक न्यूज़ कोई नई चीज नहीं है। गुमराह करने के लिए गलत सूचनाएं फैलाने की रणनीति बहुत पुरानी है, जो समय के साथ साइकोलॉजिकल ऑपरेशंस में बदल गई है। यह एक तरह का माइंड गेम है, जिसमें दुश्मन के दिमाग और उसकी लीडरशिप को निशाना बनाया जाता है, हालांकि, सारी फेक न्यूज़ सोच-समझकर नहीं फैलाई जातीं। ना ही वे साइंटिफिक होती हैं। अचानक कई ऐसी झूठी ख़बरें आ जाती हैं, जिनके असर का गुमान तक नहीं होता। इनका मकसद भ्रम फैलाना, विरोध को बढ़ावा देना, कुछ वर्गों के खिलाफ नफरत भड़काना, राजनीतिक बदला या निजी दुश्मनी हो सकता है। मिलिट्री ऑपरेशंस को लेकर भी ऐसे फेक न्यूज़ आ रहे हैं, जिनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है। फेक न्यूज़ को फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है...ऐसे में किसी राष्ट्र को इस तरह की ख़बरों से बचने के लिए क्या करना चाहिए...देखिए ये वीडियो...