भारत के सर्वाधिक प्राचीन नगरों में से एक है इलाहाबादप्राचीन समय में यह नगर 'प्रयाग' नाम से प्रसिद्ध था, जिसकी ख्याति दूर-दूर तक व्याप्त थी। यहां गंगा, यमुना और सरस्वती तीन नदियों का मिलन होता है जिसके कारण इसे संगम का शहर कहते हैं। पंडित नेहरु के अलावा, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, वीपी सिंह और चंद्रशेखर इसी शहर की देन रहे हैं। शहर की अत्याधुनिक सुविधाओं की कड़ी में एक बड़ी उपलब्धि तब जुड़ी यमुना नदी पर केबल ब्रिज बना। अब यह शहर का लैंडमार्क बन गया है। इस पुल की विशेषता है कि यह केबल स्ट्रेट ब्रिज है यानी तारों का लटका हुआ पुल। गंगा के किनारे अकबर का किला और ऑल सैंट कैथेड्रल इलाहाबाद के दो नायाब स्मारक हैं। यह शहर भारत की आज़ादी के संघर्ष के कई महत्वपूर्ण पड़ावों का भी गवाह है। इनमे प्रमुख हैं, 1885 में इंडियन नेशनल कांग्रेस का उदय और 1920 में महात्मा गांधी का अहिंसा आंदोलन। तीर्थों का राजा कहलाने वाला यह शहर भारत का दूसरा सबसे प्राचीन नगर है।