अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस दुनियाभर की महिलाओं के लिए एक प्रतीक बन चुका है कि उनके समानता के संघर्ष को नकारना सहज नहीं है। 1909 में शुरू हुआ यह दिवस विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। पर प्रश्न यह उठता है कि क्या एक दिन का उत्सव, महिलाओं को समान भागीदारी दे पा रहा है क्योंकि पुरुष सत्तात्मक समाज अपने सिंहासन को छोड़ने के लिए तैयार नहीं। लिंगभेद के खिलाफ चर्चा करना सहज नहीं, क्योंकि समाज का संपूर्ण ढांचा ही ऐसा है कि लड़कियों को बचपन से ही सिखाया जाता है कि विरोध करना संस्कारहीन होना है। इस वीडियो में हम आपको उन आधुनिक महिलाओं के बारे में बताएंगे जिन्होंने पुरषों के स्वामित्व वाले खेलों में अपना वर्चस्व कायम किया और कहीं कहीं उनसे बेहतर प्रदर्शन भी किया |