अपनी अनूठी परम्परा के लिये देश-विदेश में मशहूर कुल्लू दशहरा मंगलवार को भगवान श्री रघुनाथजी की रथ यात्रा के साथ ही आरंभ हो गया। भगवान राम को यहाँ रघुनाथजी के रूप में जाना जाता है तथा वे घाटी के आराध्य देव हैं। भगवान रघुनाथ को पालकी में बिठाकर शोभा यात्रा के रूप में उनके सुल्तानपुर स्थित मंदिर से वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच ढालपुर मैदान तक लाया गया तथा वहां से उन्हें लकड़ी के बने सुन्दर रथ रथ पर बिठाकर उनके अस्थाई शिविर तक ले जाया गया।