इंद्र ने जब अपना ऐश्वर्य, यश, सम्मान खोया तो उसे फिर से पाने के लिए उन्होंने भी सुख और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी की उपासना की। महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इंद्रदेव ने लक्ष्मी की स्तुति की। इसी इंद्र स्तुति से इंद्रलोक में उसकी रौनक फिर से लौटी। व्यवहारिक जिंदगी में भी यह लक्ष्मी स्तुति आमदनी को बढ़ाकर घर-परिवार में खुशहाली लाती है।