कलियुग में केवल हरिनाम,हरिनाम और हरिनाम से ही उद्धार हो सकता है। हरिनाम के अलावा कलियुग में उद्धार का अन्य कोई भी उपाय नहीं है। कलियुग में तो स्वयं कृष्ण ही हरिनाम के रूप में अवतार लेते हैं| हरिनाम उस चिंतामणि के समान है जो समस्त कामनाओं को पूर्ण कर सकता है| कलियुग में इस महामंत्र का संकीर्तन करने मात्र से प्राणी मुक्ति के अधिकारी बन सकते हैं। तो सुनिए इस महामंत्र को...