यमुना नदी के किनारे 11 फरवरी को होने वाले श्रीश्री रविशंकर के वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल के लिए आर्मी के जवान पांटून पुल बनाने में जुट गए हैं। जानकारी के मुताबिक सेना के जवान एक पुल का निर्माण भी कर चुके हैं और दूसरा पुल बनाने का काम जोरों पर है। संभावना है कि सेना तीसरा पुल भी बना सकती है। हालांकि पुल बनान को लेकर कई विवाद भी उठ रहे हैं। दरअसल श्रीश्री रविशंकर की संस्था 'आर्ट ऑफ लिविंग' की ओर से कराया जाने वाला यह एक निजी कार्यक्रम है। फिर इसके लिए सेना क्यों जुटी है? हालांकि सेना का तर्क है कि वह यह काम रक्षा मंत्रालय के आदेश पर कर रही है। वहीं सेना के सूत्रों ने बताया है कि पुलों को बनाने के लिए 120 जवान लगाए गए थे, कहा गया है कि पीएम के आने और किसी तरह की भगदड़ न मचे इसलिए सेना ने पुल बनाए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि आर्ट ऑफ लिविंग को बकायदा इसका बिल भेजा जाएगा।