New Delhi: पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रह था। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंच रहा था और इसके साथ ही राजधानी में यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से आस-पास पहुंच गया था। लेकिन अब जलस्तर घटता जा रहा है  बीते दिनों में आयी बाढ़ का पानी राजधानी के कईं इलाकों में पहुंचना शुरु हो गया था...जिसकी वजह से रेलवे ने लोहे के पुराने पुल पर रात नौ बजे रेल का परिचालन भी बंद कर दिया था। फिलहाल यमुना में अब बाढ़ का खतरा टल गया है। हथिनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसेक से अधिक पानी यमुना में छोड़ा गया, इसके बावजूद दिल्ली बाढ़ से बच गई। इसका श्रेय ‘सूखी’ यमुना को दिया जा रहा है। पानी छोड़े जाने से पहले वह दूर तक लगभग सूखी थी। शासन का कहना है कि अब बैराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बहुत कम हो रही है, इसलिए खतरा टल चुका है।

अगर बैराज से छोड़े गए पानी की बात की जाए तो 1978 में भाखड़ा डैम से करीब 8 लाख क्यूसेक ही पानी छोड़ा गया था, तब पानी का स्तर 207.49 मीटर पहुंच गया था। 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के वक्त 8.06 लाख पानी छोड़ा गया था और स्तर 207.11 मीटर आ गया था। साल 2013 में भी इतना पानी छोड़े जाने के चलते 207.32 मीटर पानी पहुंच गया था। आयोग के अनुसार उस वक्त बैराज से जब पानी छोड़ा गया था, यमुना में पहले से बारिश का पानी खूब बह रहा था। जब बैराज से ज्यादा पानी छोड़ा तो उसकी मात्रा और पहले से चल रहे बारिश के पानी ने यमुना का स्तर बढ़ा दिया। जिसकी वजह से दिल्ली में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे।

लेकिन बीते दिनों में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण युमना से सटे निचले इलाकों में बाढ़ के पानी ने लोगों को विस्थापित होने को मजबूर कर दिया और अब ताजा स्थिति में लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है..यमुना किनारे बसे लोगों के घर भी बाढ़ ने तबाह कर दिए जिसके बाद लोगों अपने पुनर्वास के लिए खासी दिक्कतों का सामाना करना पढ़ रहा है। 

जिला प्रशासन ने सड़कों के फुटपाथ और सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर लगाने शुरू कर दिए थे। अब तक इनमें हजारों लोग शिफ्ट हो चुके हैं। शिविर में रहने वाले लोगों को प्रशासन दो वक्त का भोजन भी दे रहा है । प्रशासन ने यमुना किनारे सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स व दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं राहत कैंप के लिए 2120 टेंट लगाए गए हैं। सभी फोर्स मिलकर काम कर रही हैं। सरकार की तरफ से हेल्पलाइन नबर 01122421656, 01121210849 शुरू किए गए हैं।