पाकिस्तान जम्मू कश्मीर को अतंरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की लगातार कोशिश करता रहा है और हर बार उसकी कोशिश नाकाम हो जाती है। एक बार फिर ऐसा हुआ है। दरअसल अपने सदाबहार दोस्त चीन की मदद से पाकिस्तान कश्मीर मुद्दा लेकर संयुक्त राष्ट्र पहुंच गया लेकिन उसे यहां भी मुंह की खानी पड़ी। चीन के अलावा पाकिस्तान एक भी देश का समर्थन नहीं जुटा सका। दरअसल जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान बौखला सा गया है। जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा के पाकिस्तान के अनुरोध पर चीन ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 'बंद कमरे' में एक बैठक हुई इस बैठक में भी पाकिस्तान को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा। चीन के अलावा उसे किसी का समर्थन नहीं मिला। सुरक्षा परिषद के शेष चार सदस्य ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और अमेरिका ने साफ कर दिया कि यह एक द्विपक्षीय मामला है और इसे आपस में सुलझाया जाए।वही डिफेंस एक्सपर्ट पीके सहगल ने यूएन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा कि चीन ने भारत के आतंरिक मामले में दखल दिया है तो कि गलत है