भाजपा को त्रिपुरा में मिली जीत के बाद लेनिन की प्रतिमा को बुलडोजर से गिरा दिया गया और कुछ जगहों पर आगजनी की भी घटनाएं सामने आईं थीं। आपको बता दें कि लेनिन की प्रतिमा को गिराए जाने का यह दुनिया में पहला मामला नहीं है, जिसके पीछे बवाल हो रहा है। भारत से पहले विदेशों में भी लेनिन की हजारों प्रतिमाएं तोड़ी जा चुकी है। सोवियत संघ के विघटन के बाद कई देशों में लगभग एक चौथाई शताब्दी तक लेनिन की प्रतिमाओं को गिराने का सिलसिला जारी रहा। सोवियत रूस से टूटकर अलग राष्ट्रग बने यूक्रेन ने पिछले वर्ष ही अपने यहां लेनिन की करीब 1320 प्रतिमाओं को तत्का ल प्रभाव से तोड़े जाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद सोवियत रूस का प्रभाव रखने वाली इन प्रतिमाओं को वहां एक-एक कर नष्टे कर दिया गया था। यूक्रेन के सरकारी आंकड़ें बताते हैं कि वहां पर एक समय में लेनिन की करीब 5500 छोटी बड़ी प्रतिमाएं थीं जिनमें से अब एक भी नहीं है।