जहां पिछले कई सालों में दशहरे के बाद खूब धूआं होने से दिल्ली में प्रदूषण बढ़ जाता था वहीं इस बार लगभग एक दशक में सबसे कम रहा जिससे दिल्ली की हवा पहले से साफ रही. लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम में परिवर्तन आया है. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कुछ दिनों से बढ़ गया है. दिल्ली में शनिवार की सुबह PM 10 205 रहा, यानी हवा 'घटिया' कैटिगरी में रही. इसका एक बहुत बड़ा कारण है पराली जलाने से उठने वाला धूआं. हर साल ठण्ड शुरू होने से पहले दिल्ली के आसपास के क्षेत्र जैसे हरियाणा और पंजाब में किसान फसल का बचा हुआ हिस्सा जलाते हैं जिसका धूआं दिल्ली तक आता है और हवा प्रदूषित करता है. इस बार भी इन क्षेत्रों में किसानों ने  बड़ी तादात में पराली जलाना जारी रखा. इससे उठने वाले धुएं के कारण इससे फैलने वाले प्रदूषण को मद्देनजर रखते हुए हरियाणा के करनाल क्षेत्र में धरा 144 लगा दी गई है लेकिन तब भी किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं. यहां ऐसे किसानो के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है. लेकिन वहीं जहां पराली जलने से उठने वाले धुएं को प्रदूषण का कारण माना जा रहा है इन किसानों का कहना है की सरकार इसका कोई हल निकाल नहीं पा रही है.