NewDelhi: हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने के बयान के बाद विरोधी स्वर मुखर हो गए हैं गृह मंत्री के बयान पर खासकर दक्षिणी भारतीय राज्यों के नेताओं ने एक कर अपना विरोध जताना शुरु कर दिया है इस कड़ी में विपक्ष लेकर बीजेपी तक नेता शामिल होते जा रहे हैं. इसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के अलावा डीएमके चीफ एम के स्टालिन से सहित कमल हासन ने हिंदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को कन्नड़ भाषा पर जोर दिया और कहा कि वे कन्नड़ संस्कृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. बीते शनिवार को येदियुरप्पा ने अमित शाह ने हिंदी भाषा पर जोर देते हुए कहा था कि अगर कोई भाषा देश को एकजुट कर सकती है, तो वह हिंदी है. कर्नाटक के विपक्षी नेताओं ने शाह के बयान को राज्य पर हिंदी को 'थोपने' का प्रयास करार दिया है..

तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी, डीएमके ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृष्टिकोण के खिलाफ 20 सितंबर को पूरे राज्य में  सुबह 10 बजे सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी.प्रदर्शन आयोजित करेगी. तमिल अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने हिंदी भाषा के मुद्दे पर कहा कि किसी 'शाह, सुलतान या सम्राट' को विविधता में एकता के वादे को तोड़ना नहीं चाहिए, जिसे भारत को गणराज्य बनाने के समय किया गया था.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि हम अपनी मातृभाषा से कोई समझौता नहीं करेंगे। केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने अमित शाह के हिंदी वाले बयान का समर्थन किया। गौड़ा ने कहा, ‘‘हिंदी सभी को एक करने वाली भाषा है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि यह देश की सभी क्षेत्रिए भाषाओं से बड़ी है। हम सभी ने तीन भाषाओं के फॉर्मूला को अपनाया है। प्रधानमंत्री ने भी सदन में कहा था कि सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान होगा।’’

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को घोषणा की थी कि 2020 से सार्वजनिक रूप से 'हिंदी दिवस' मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव तक हिंदी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी. शाह ने लोगों से हिंदी भाषा के साथ जुड़ने और इसे दुनिया में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल करने की दिशा में काम करने की अपील की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि कम से कम अपने बच्चों से हिंदी में बात करें. उन्होंने कहा कि कोई भी भाषा तब तक जीवंत रहेगी, जब तक लोग उसे गर्व के साथ बोलेंगे.