एमडीएमके प्रमुख वाइको ने नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान डॉ फारूक अब्दुल्ला को चिन्नई जाने की अनुमति देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बन्दी प्रत्यक्षीकरण यानी हेबियस कार्पस की याचिका दायर की जिसपर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार को नोटिस भेजा है. बता दें की फारूक अब्दुल्ला इन दिनों श्रीनगर स्थित अपने आवास पर करीब 30 दिनों से नजरबंद हैं. इस मामले में अगली सुनवाई की तारीक 30 सितम्बर दी गई है. अपनी याचिका में वाइको ने ये लिखा था की फारूक अब्दुल्लाह को 15 सितम्बर को पूर्व तमिल नाडु मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई 111वीं जयंती समारोह में शामिल होना था लेकिन वे कथित रूप से नजरबन्द हैं. आपको बता दें की सुप्रीम कोर्ट इसके साथ साथ जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुन रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भारत और जम्मू-कश्मीर सरकार को मामले में एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा, और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 30 सितंबर तक के लिए निर्धारित कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जम्मू-कश्मीर में सामान्य जीवन बहाल किया जाए और ऐसा करते समय राष्ट्रीय सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाए.