सौ साल पहले महात्मा गांधी के नेतृत्व में बिहार में चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत हुई थी और चंपारण सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में मील का पत्थर साबित हुआ। 2017-18 चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। केंद्र सरकार चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समापन को ‘सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह’ के रूप में मना रही है। इसी उपलक्ष्य में 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंपारण में देशभर के करीब चार लाख स्वच्छाग्रहियों, जो खुले में शौच यानि ओडीएफ से मुक्ति दिलाने के लिए काम कर रहे हैं लोगों को संबोधित किया। 

चंपारण स्वच्छाग्रह में पूरे देश से करीब दस हजार स्वच्छाग्रहियों को बिहार आमंत्रित किया गया, जिन्होंने 3 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच बिहार  के ही स्थानीय दस हजार स्वच्छाग्रहियों के साथ मिलकर प्रदेश की जनता को ओडीएफ के लिए प्रेरित किया। स्वच्छ बिहार अभियान के तहत 1.2 करोड़ ग्रामीण परिवारों को शौचालय उपलब्ध करवा कर बिहार को दो अक्टूबर, 2019 तक खुले में शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य है।