रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार के जरिए भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिली। कोई भी शख्‍स अपना नाम बदल सकता है अपना ईमान बदल सकता है, लेकिन उंगुलियों के निशान और आंखों की पुतलियां नहीं बदल सकता है। पूरे विश्‍व में आधार को लेकर भारत की सराहना हो रही है। वर्ल्‍ड बैंक ने भी आधार की तारीफ की है। विदेशों में मुझसे आधार के बारे में पूछा जाता है। विदेशों में लोग कहते हैं कि हम भारत से आधार के बारे में सीख सकते हैं।