चिन्मयानंद (Swami Chinmayanand) को आठ साल पहले ही जेल जाना पड़ सकता था। तब उन पर पूर्व शिष्या ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन सबूत पुख्‍ता नहीं मिले । पुख्ता साक्ष्य न होने के चलते चिन्मयानंद गिरफ्तारी से बच गए मगर, कोर्ट में मामला चलता रहा। 2011 में चिन्मयानंद की पूर्व शिष्या ने उन पर चौक कोतवाली में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।