गाजियाबाद(यूपी): तप्ती धूप और बिजली की किल्लत के चलते मिट्टी के घड़ो की डिमांड बढ़ती जा रही है । घड़ो के पानी से लोगों की पियास तो बुझती है और इस पानी में से  मिट्टी के महक भी आती है । घड़ो के पानी को आज भी शुद्ध माना जाता है ।आज के समय में जहाँ हर घर मे  R.O.का पानी पिया जाता है जिसमें से सारे मिनरल्स ,कैल्सियम को निकाल कर पिया जाता है । नतीजा शरीर में मिनरल्स की कमी जिस वजह से नये-नये तरीके की बीमारी घर कर रही हैं।वहीं मिट्टी के घड़ो से हमारे शरीर में सभी मिनरल्स की पूर्ति होती है जिस का लोगों को पता धीरे धीरे चल रहा है। इस वजह से अब लोगों का मिट्टी के बर्तनों की तरफ दिमाग डाइवर्ट हो रहा है।

घड़ो को बनाने वालो कुम्हारो का कहना है कि पहले के मुकाबले आज कल लोग मिट्टी के घड़ो को ज्यादा खरीद रहे है।लोगों को इस के फायदे का पता चल रहा है ।इस लिये ज्यादा खरीद रहे है।और गर्मी के चलते बिजली भी कम चल रही है तो कहा से मिलेगा ठंडा पानी। पर घडो का पानी भरी धूप में भी ठंडा रहता है ।और सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद भी है ।जो लोग घड़ो को खरीद रहे है उनका का भी यही कहना है कि  R.O. और बिजली की किल्लत दोनों से अच्छा है मिट्टी के घड़े।और मिट्टी के बर्तन जो आदमी को मिट्टी से जोड़ता है।