छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम हर्राडिपा में अगरिया जाति के लोगों ने अपने पूर्वजों के इतिहास और अपनी जाति को प्रमाणित करने के लिए रेत और मिट्टी से लोहा बनाकर दिखलाया। रविवार को परंपरागत तरीके से भट्ठे तैयार कर पुरानी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रेत को गलाकर यह कार्य किया गया गया, जिसके सैकड़ों ग्रामीण साक्षी बने और इस प्रक्रिया को देखने उत्सुकता के साथ देखने जुटे। बड़ी संख्या में नई पीढ़ी के युवाओं को भी इसका अभ्यास कराया गया। समुदाय का यह दावा है कि प्राचीन समय में अगरिया जाति के लोगों द्वारा ही लोहा बनाने, गलाने की खोज की गई थी और कालांतर में इनकी पहचान को बदल दिया गया। जिले में अगरिया जाति के लोग अपनी पहचान साबित करने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं