नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) के बीच सियासी तल्खी बढ़ती ही जा रही है। आम चुनाव में मनमाफिक नतीजे नहीं मिलने पर मायावती ने एसपी पर निशाना साधा था और यूपी में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए अकेले लड़ने का ऐलान किया था अब एक बार फिर बीएसपी चीफ ने समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह पर हमला किया है।

उन्होंने कहा कि एसपी के साथ गठबंधन बड़ी भूल थी, जो नतीजे सोचे गए थे, वे एसपी की कमजोरी की वजह से नहीं आए। यहां तक कि चुनाव नतीजे के बाद अखिलेश ने मुझे फोन तक नहीं किया। मायावती ने रविवार का बहुजन समाज पार्टी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान 25 मिनट तक उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ हुए गठबंधन और उसके परिणाम पर बात की। मायावती ने साफ किया कि एसपी के साथ गठबंधन का फैसला जल्दबाजी में नहीं बल्कि सोच विचार कर लिया गया गया था। लेकिन फैसले से जो परिणाम आने चाहिए थे, नहीं आए।

दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ती सियासी तल्खी को लेकर यूपी के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता श्रीकांत शर्मा ने कहा ...ये पहले से ही तय था कि चुनाव के बाद सपा और बसपा में लठ्ठम-लठ्ठा होनी है वो हो रही है ..क्योंकि दो नेताओं के निजी स्वार्थ को लेकर गठजोड़ था।

माया ने कहा, लोगों में यह फैलाया जा रहा है कि हमारे 10 सांसद एसपी के सहयोग से जीते, लेकिन हकीकत यह नहीं है। अगर यह सच्चाई है तो यादव परिवार के लोग ही क्यों चुनाव हार गए? अखिलेश क्यों डिंपल को भी जितवा नहीं सके?' सपा पर आरोप लगाते हुए  मायावती अखिलेश यादव तक सीमित नहीं रहीं उन्होंने ताज कॉरिडोर केस को लेकर  मुलायम सिंह पर भी हमला बोला..उन्होंने कहा मुझे ताज कॉरिडोर ' मामले में फंसाने वालों में न केवल बीजेपी, बल्कि मुलायम सिंह यादव का भी रोल था। इसे भूलकर मैं मुलायम के लिए वोट मांगने गई थी, लेकिन अखिलेश ने इसकी कद्र नहीं की। अखिलेश ने चुनाव के बाद मुझे तब भी फोन नहीं किया। सतीश चंद्र मिश्र ने उनसे कहा था कि वह मुझसे फोन पर बात करें।

मैंने तो नतीजों के बाद अखिलेश को फोन किया और परिवार के हारने पर अफसोस जताया था। सपा-बसपा गठबंधन को लेकर मचे घमासान को लेकर अब कांग्रेस ने दोनों राजनैतिक दलों के बढ़ते विवाद को लेकर भी चुटकी लेना शुरु कर दिया है ..कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने सपा-बसपा गठबंधन को लेकर मचे घमासान पर कहा..ये तो पहले से ही निश्चित था कि ये गठबंधन दोनों दलों के निजी स्वार्थ पर आधारित था इसलिए दोनों दलों के हितों के बीच टकराव तो होना ही था जो आज सबके सामने आ रहा है।

मायावती ने एसपी पर आरोप लगाया कि उनके वोट बैंक का फायदा बीएसपी को नहीं हुआ। एसपी का वोट बीजेपी में गया। इसका अंदाजा गठबंधन के पहले तक नहीं था। मायावती ने कहा बीएसपी को उपचुनाव की ज्यादातर सीटें जीतनी हैं। इससे हम यह बता सकेंगे कि हमारे लोग जो लोकसभा पहुंचे हैं, उनके पीछे एसपी नहीं बल्कि बीएसपी के काडर की मजबूती थी।