महाराष्ट्र में किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुरी तरह से फंस गए हैं। फडणवीस शुरु में कर्जमाफी के पक्ष में नहीं थे। फडणवीस ने अप्रैल 2017 में कहा था कि किसानों की कर्ज माफी समस्या का आखिरी समाधान नहीं है। इससे किसानों को पुराने कर्ज से तो माफी मिल जाएगी लेकिन इससे किसानों को अगले फसल के लिए कर्ज को चुकाने की आर्थिक हैसियत कैसे पैदा होगी। अगर इसकी जगह किसानों को सिंचाई के लिए पानी बिजली की आपूर्ति लंबे समय दिए जाए तो इससे किसानों को आर्थिक मज़बूती मिल सकती है। 

इस समय सीएम फडणवीस के सामने राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से कुछ ही दूरी पर किसानों का विशाल प्रदर्शन चल रहा है जो कि पूरी तरह से फसल कर्ज और बिजली के बिल को माफ करने की मांग कर रहे हैं। अगर फडणवीस किसानों की ये मांग स्वीकार कर लेते हैं तो फिर राज्य सरकार को पहले से ही जर्जर अर्थव्यवस्था से कुछ और इतंजाम करना पड़ेगा क्योंकि 34 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफी की घोषणा से पहले से ही सरकार पर 20 हजार करोड़ की कमी को पूरा करने का दबाव मौजूद है।