संसद में लोकसभा की कार्यवाही में इस बार कुछ अलग हुआ है. जहां कई बार ऐसा देखा गया की संसद की बहस किसी न किसी वजह से स्थगित हो जाती है वहीं ऐसा पिछले 18 सालों में पहली बार हुआ की लोकसभा सत्र देर रात तक चला. यहां बहस के दौरान रेल मंत्रालय में अनुदान की मांगो पर पक्ष विपक्ष दोनों के सदस्यों ने मिलकर बहस की. लगभग 92 सदस्यों ने 11 बजकर 58 मिनट तक चला. वहीं आधीरात तक संसद में चल रहे काम पर  रेल राज्यमंत्री सुरेश चन्नबसप्पा अंगदी का कहना है की 'रेलवे एक परिवार की तरह है जो सभी को एक साथ लेकर चलता है और सभी को संतुष्ट करता है. सभी सदस्यों के अच्छे सुझाव मिलते हैं.