उज्जैन के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में राजवंश परंपरा अनुसार शुक्रवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी. इस दिन ठीक 12 बजे रात को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद रोज होने वाली शयन आरती नहीं होगी और पांच दिन तक सेवा के बाद 27 अगस्त को बछबारस पर दोपहर 12 बजे शयन आरती होगी. इसके पीछे पुजारी पं.अर्पित जोशी ने एक रोचक मान्यता बताई है. एक परंपरा के अनुसार जो 110 सालों से चली आ रही है, जन्म के बाद भगवान बाल्यावस्था में होते हैं और बच्चे के जागने और सोने का समय तय नहीं रहता है. ऐसे में तय वक्त पर शयन आरती नहीं की जा सकती है. तो इस स्तिथि में पांच दिन तक बाल गोपाल से लाड़ लड़ाए जाते हैं। उन्हें दूध, माखन  का भोग लगाया जाता है.