नोएडा में बोटेनिकल गार्डन के ठीक सामने एक शख्स हर वीकेंड और सरकारी छुट्टी के दिन पैदल पैदल सड़क पार कर डिवाइडर के पास आता है. जूते खोलता है. डिवाइडर पर चढ़ता है. अपने बैग में से एक कपड़ा निकालता है और शहीद लेफ्टीनेंट विजयंत थापर मार्ग पर लगे उनके साइन बोर्ड को साफ करने लगता है.

अखिल की उम्र  23 साल है, वो इंजीनियर है. देश पर फना हो गए रणबांकुरों के लिए कुछ करने की तमन्ना मन में आई, तो उसने ये रास्ता चुना. अखिल को ऐसा करके उसे एक सुकून सा मिलता है...करगिल युद्ध विजय थापर शहीद हुए थे. उनके पिता ने हाल ही में इस इंजीनियर की इस श्रद्धांजलि को ट्वीट भी किया था।