कानपुर(यूपी): एक ओर जहां देश में मानसून ने दस्तक दे दी है। तो वहीं अभी भी आधा देश आसमान पर टक-टकी लगाकर बारिश का इंतजार कर रहा है मध्य भारत के राज्य और उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड के इलाकों के किसान बूँद बूँद पानी के लिए अभी भी तरस रहे हैं।

कानपुर महानगर और बुंदेलखंड के आस पास के 600 से ज्यादा गावों में पिछले साल की तरह सूखे की स्तिथि उत्पन्न होने का डर किसानों को सता रहा है. किसानों को अभी भी यह आशा है कि शायद भगवान उनकी सुन ले और इस बार अच्छी बरसात करा दे. परम्पराओं और आस्था से बंधे इन किसानो को अब केवल भगवान का ही सहारा है, बारिश कराने के  लिए ये जो प्रयत्न  कर रहे है वो भले ही अंधविश्वास लगे पर खेतों के ये सिपाही अभी हार नहीं मान रहे है.उधर सूखे खेतों में महिलायें लोक गीत गाकर इंद्र देवता को रिझाने में लगी हैं।

इन सबका मकसद सिर्फ एक ही है ,पानी की बूंदे उनके खेतों और जानवरों की प्यास बुझा दे, और यही सोंच कर ईश्वर को प्रसन्न करने के उद्देश्य से ये सभी इस तरह के हथकंडे अपना रहे है| शायद ऊपर वाला ही इनकी फ़रियाद सुन कर इनकी मुरादें पूरी कर दे. नीली छतरी के तले  अपनी झोली फैलाये ये महिलाएं और बच्चियां सिर्फ इतना ही चाहती है की मानसून की बौछार इनकी बदहाली को दूर करने के लिए झमाझम बरस जाए।