झारखण्ड में एक मुस्लिम युवक की मोब लिंचिंग की ताजी घटना के बाद अब मोब लिंचिंग फिर से एक बड़ा मुद्दा बन गयी है. समाजवादी पार्टी के एमपी आजम खान और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं ने मिलकर इन घटनाओं का विरोध किया. उन्होंने संसद में महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे बैनर लेकर अपना विरोध जताया. इस बैनर पर उन्होंने लिखा, "बापू मौन तोड़िये हथियार और हत्या से निदान असंभव है'.  अपने विरोध के बारे में उनका कहना है की ये स्लोगन केवल मोब लिंचिंग के लिए ही नहीं बल्कि बीजेपी के सचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे द्वारा एक सरकारी अधिकारी को बैट से पीटने के खिलाफ भी है.