14 जून 2018 की तारीख थी... शहीद औरंगजेब ईद मनाने के लिए घर आ रहे थे, लेकिन घात लगाए बैठे आतंकियों ने उनका अपहरण कर लिया. बाद में आतंकियों ने बर्बर तरीके से राइफलमैन औरंगजेब की हत्या कर दी. 44 राष्ट्रीय राइफल्स से ताल्लुक रखने वाले औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव पुलवामा में कलामपुरा से करीब 10 किलोमीटर दूर मिला था. मरणोपरांत उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था. आतंकियों की बर्बरता के बावजूद न झुकने वाले शहीद औरंगजेब की लड़ाई को अब उनके भाई पूरा करेंगे। शहीद औरंगजेब के दो और भाइयों ने अब सेना की वर्दी पहन ली है और आतंक के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है।