1- तीन तलाक बिल फिर टला, विपक्ष के विरोध के बीच राज्‍यसभा में नहीं हुआ पेश
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन तीन तलाक बिल राज्‍यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण पेश नहीं हो सका। राज्‍यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि तीन तलाक बिल को सदन में आज नहीं लिया जा सकेगा, क्योंकि इस पर आम सहमति नहीं बन पाई है। विपक्ष ने बिल के संशोधनों पर सलाह ना करने का आरोप लगाया है। अब शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार इसे पेश कर सकती है। हालांकि यह भी उम्‍मीद जताई जा रही है कि शीलकालीन सत्र से पहले मोदी सरकार इसके लिए अध्‍यादेश ला सकती है।

2- विश्व जैव ईंधन दिवस 2018: मोदी बोले- कूड़े से सीएनजी बनाने की कर रहे कोशिश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जैव ईंधन दिवस 2018 के मौके पर दिल्ली में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि साल 2022 तक पेट्रोल में 10 फीसद इथेनॉल मिलाया जाएगा, जिसे 2030 में बढ़ाकर 20 फीसद किया जाएगा। सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने की पूरी कोशिश कर रही है। इथेनॉल उत्पादन के लिए सभी कृषि अपशिष्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। मोदी ने कहा कि हम कूड़े से बायो सीएनजी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन में सीएनजी उपयोग को बढ़ाया जा रहा है। हम सीएनजी आयात पर निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही देश के गांवों में भी सीएनजी वाहन होंगे।

3- नेहरू-जिन्ना पर विवादित बयान देकर दलाई लामा ने मांगी माफी
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने नेहरू और जिन्ना को लेकर दिए अपने बयान पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान में कुछ गलत है तो वो माफ़ी मांगते हैं। दलाई लामा ने कहा- मेरा बयान अचानक विवादास्पद हो गया और अगर कुछ ग़लत है तो मैं माफ़ी मांगता हूं। दरअसल, बुधवार को गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के एक कार्यक्रम में दलाई लामा ने दावा किया महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना प्रधानमंत्री बनें लेकिन पंडित नेहरू इसके लिए तैयार नहीं हुए। दलाई लामा ने कहा कि तब प्रधानमंत्री बनने की चाहत में नेहरू ने आत्मकेंद्रित रवैया नहीं अपनाया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता।

4- हाईकोर्ट ने पूछा- लालू सजायाफ्ता हैं, इलाज के बाद घर पर क्या कर रहे?
झारखंड हाईकोर्ट ने राजद सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री व चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने सजायाफ्ता होने के बावजूद उनके घर पर होने के औचित्य पर सवाल उठाया है। कोर्ट ने कहा- या तो वे अस्पताल में हों, या फिर जेल में। उच्च न्यायालय के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट में शुक्रवार को लालू प्रसाद के प्रोविजनल बेल को बढ़ाए जाने के मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव की मेडिकल रिपोर्ट पर सीबीआइ को जांच कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अब 17 को सुनवाई होगी।

5- देशभर में कांवड़ियों के हुड़दंग से सुप्रीम कोर्ट नाराज
आस्था के नाम पर इस साल भी कुछ कांवड़ियों की गुंडागर्दी से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई हैं और कांवड़ यात्रा जारी रहने के दौरान अब भी आ रही हैं। खासकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में आईं कांवड़ियों के हुड़दंग और मारपीट की घटनाओं के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान गंभीर रुख अपनाते हुए कोर्ट ने राज्यों की पुलिस को निर्देश दिया कि वे ऐसे कांवड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जो कानून को अपने हाथ में लेकर मारपीट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।