Indore(MP): मध्य प्रदेश के इंदौर में उस वक्त बेहद मार्मिक नजारा देखने को मिला, जब एक शहीद की पत्नी ने गांव के युवाओं की हथेली पर पैर रखते हुए अपने नए घर में प्रवेश किया। यहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांव के युवाओं ने मिसाल कायम की है।

बेटमा गांव के युवकों ने एक शहीद जवान की पत्नी को नया घर गिफ्ट किया है। गांव के युवकों ने 11 लाख रुपये इकट्ठा कर शहीद की पत्नी को सिर के नीचे छत दिलाने में मदद की है। शहीद का परिवार एक टूटे-फूटे घर में रहता था। घर की छत भी टूट चुकी थी। परिवार की हालत देखने के बाद गांव के युवाओं ने घर मुहैया कराने के लिए 'सभी साथियों ने उनका शहीद का घर बनवाने के लिए वन चेक, वन अभियान चलाया। देखते ही देखते 11 लाख रुपए जमा हो गए, इससे उन्होंने शहीद के परिवार के लिए एक मकान तैयार करवाया। रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी युवाओं ने शहीद की पत्नी से राखी बंधवाई और उन्हें उपहार के रूप में मकान की चाबी सौंपी। इसके बाद भाइयों ने हथेलियों पर पैर रखकर शहीद की पत्नी को गृह प्रवेश कराया।

मोहन सिंह बीएसएफ में थे। असम में पोस्टिंग के दौरान वे 31 दिसंबर 1992 में शहीद हुए थे। करीब 27 वर्षों से उनका परिवार कच्चे मकान में रह रहा था। मोहन सिंह सुनेर जब शहीद हुए थे, उस वक्त उनका तीन वर्ष का एक बेटा था और पत्नी राजू बाई चार माह की गर्भवती थीं। बाद में दूसरे बेटे का जन्म हुआ। पति की शहादत के बाद दोनों बच्चों को पालने के लिए पत्नी ने मेहनत-मजदूरी की। झोपड़ी में ही परिवार गुजारा कर रहा था। ये विडंबना ही कही जाएगी कि परिवार को आज तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया।