Dussehra 2019: नवरात्रि के अगले दिन दशहरा पड़ता है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। भगवान राम ने इसी दिन लंकापति रावण का वध किया था। इसी खुशी में विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाता है। माना ये भी जाता है कि इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षक का भी अंत किया था। जिस कारण इस पर्व की खुशी दोगुनी हो जाती है। आपको बता दें कि दशहरा की तिथि खरीददारी के लिहाज से भी काफी शुभ भी मानी गई है। इसलिए बहुत से लोग इस दिन सोना और अन्य जरूरी समान खरीदना अच्छा मानते हैं।

दशहरा पर्व तिथि व शुभ मुहूर्त:

दशमी तिथि आरंभ – 7 अक्टूबर को दिन में 12:37 से
दशमी तिथि समाप्त- 8 अक्टूबर को दिन के 02:50 तक
रावण दहन का शुभ मुहूर्त- दिन में 02:04 से 02:50 तक
खरीददारी करने का शुभ मुहूर्त- दिन में 01:17 से 03:36 तक

दशहरे पर जगह-जगह मेलों का आयोजन होता है। मंच पर नाटकों के जरिए भगवान राम की वीरता की कहानियां दिखाई जाती है। मेलों का विशेष आकर्षण रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले होते हैं जिन्हें जलाकर बुराई का अंत किया जाता है। भारत में नवरात्रि शुरू होते ही यहां के प्राचीनतम नाटक रामलीला का आयोजन शुरू हो जाता है जिसके दसवें दिन भगवान राम दशानन रावण का वध करते हैं और इसके साथ ही रामलीला का भी समापन हो जाता है। इसी दिन नौ देवी की प्रतिमाओं का विसर्जन करके नवरात्रि का उत्सव भी संपन्न हो जाता है।