चंद्रयान-2 26 जुलाई को लांच किया गया था, 14 अगस्त को वो चांद की कक्षा के बेहद नजदीक था और मंगलवार 20 अगस्त को वो लूनर ऑर्बिट में प्रवेश कर गया. इस बारे में इसरो के चेयरमैन के सिवान ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया. उन्होंने कहा की लूनर ऑर्बिट इंसर्शन का मनोवर आज किया गया था. इसके तहत चंद्रयान-2 चांद के नजदीक 140 /18000 किलोमीटर की रफ्तार से पहुंच रहा है. इसके बाद उन्होंने मून पर लैंडिंग की पूरी प्रक्रिया बताई. उन्होंने बताया की बताया कि किस तरह ऑर्बिटर से लैंडर अलग होगा। उन्‍होंने लैंडर विक्रम के अलग होने के बाद चुनौतियों के बारे में बताया कि कई चुनौतियां हैं. यह 7 सितंबर 2019 को यह चंद्रमा के साउथ पोल के क्षेत्र में प्रवेश करेगा. पूरी एक्यूरेसी से काम कर रहे हैं, ताकि चंद्रयान-2 को चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक उतार सकें.