राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहा करते थे कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों के विकास के जरिए ही भारत का विकास हो सकता है और इसके लिए किसानी, बागवानी और पशुपालन पर खास ध्यान होगा। ये बात सच है कि देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान घटा है। लेकिन एक तथ्य ये भी है कि आज भी किसानों को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एनडीए सरकार ने किसानों से वादा किया है कि वो 2022 तक आय को दोगुनी करने के तमाम विकल्पों पर काम कर रहे हैं और इसकी झलक गुरुवार को पेश बजट 2018 में दिखी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने बजट में एलान किया समर्थन मूल्य को डेढ़ गुना करने का फैसला किया गया है। सरकार के इस एलान पर जानकारों और आम किसानों का क्या कहना है उसे जानने से पहले हम आप को भारत में कृषि की तस्वीर पर चर्चा करेंगे।