बिहार में बच्चों की मौत को लेकर अभी तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। भूलिए मत कि मुख्यमंत्री 11 अप्रैल से शुरू और 23 मई को खत्म लोकसभा चुनाव में व्यस्त थे। जनवरी फरवरी मार्च में चुनाव की तैयारी करते रहे... चुनावी रणनीति बनाते रहे. सीटों का बंटवारा सुलझाते रहे... तब तक गर्मी आ गई... गर्मी क्या आ गई... मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में बिहार के सुशासन की पोल खुल गई... बिहार में बच्चों की मौत का सिलसिला कब तक जारी रहेगा... ये कोई नहीं जानता...