छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 85 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 किनारे पहाड़ी पर स्थित है मुंगईमाता का मंदिर. चौंकने वाली बात ये है कि यहां भालू देवी के दर्शन के लिए रोज आते हैं. और तो और श्रद्धालु इन भालुयों को प्रसाद, बिस्किट और मूंगलफली आदि खिलाते हैं. इसके चलते यहां भालू बीते कई सालों से हर रोज शाम के समय आ रहे हैं. भालुओं के रोज यहां खुले तौर पर विचरण और देवी दर्शन करने से प्रभावित लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गए ये भालू जो उन्हें यहां रोज देखने आते हैं. इन भालुओं को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं. इस दृश्य ने लोगों को इस कदर आकर्षित किया कि वे  इन भालुओं को अपने हाथों से प्रशाद, बिस्कुट खिलाते हैं.