अयोध्‍या राम जन्‍म मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को अयोध्‍या केस में सुनवाई के दौरान कहा कि 17 अक्‍टूबर तक इस मामले की सुनवाई होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी पक्षों को 18 अक्टूबर तक बहस पूरी करने के लिए कहा था । अयोध्‍या केस में 14 अक्टूबर को मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन बहस जारी रखेंगे। अयोध्या मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी सुनवाई होगी। कोर्ट में 17 अक्टूबर तक कुल 41 दिन की सुनवाई होगी। सुनवाई में हिंदू पक्ष की ओर से स्‍कंद पुराण का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया कि राम जन्‍मस्‍थान के दर्शन से मोक्ष मिलता है। गुरुवार को रामलला विराजमान की ओर से वरिष्‍ठ वकील सीएस वैद्यनाथन और पीएस नरसिम्‍हा ने बहस की। वैद्यनाथन ने कहा कि एएसआई की कि रिपोर्ट को देखने से पता  चलता है कि विवादित ढांचे के नीचे विशाल मंदिर था। जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी।  राजीव धवन ने इस दलील का विरोध किया, उन्‍होंने कहा कि एएसआई रिपोर्ट में यह साबित नहीं होता कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। इस बारे में जब बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने  कहा कि इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है, जो भी फैसला होगा, उसे वह मानेंगें। वहीं निर्मोही अखाड़ा के पक्षकार महन्त दिनेन्द्र दास जी ने कहा कि विवादित जगह कभी कोई मस्जिद नहीं थी। उनके लिए हमेशा वहां से रामजी विराजमान थे। ने कहा है की विवादित स्थल पर कभी मस्जिद था ही नही।