Rajasthan में liquor ban की मांग पर CM Ashok Gehlot ने कहा कि वो इसका समर्थन करते हैं, लेकिन जब तक कड़े इंतजाम नहीं होंगे प्रतिबंध का कोई मतलब नहीं है। Gehlot ने इसके लिए Gujarat का उदाहरण दिया और कहा कि आजादी के बाद से ही वहां (गुजरात में) शराब पर प्रतिबंध है लेकिन आलम यह है कि वहां सबसे अधिक इसकी खपत है और घर-घर में शराब पी जाती है। दरअसल, राजस्थान में काफी समय से शराब बंद करने की मांग उठ रही है। इस मामले में पत्रकारों के एक सवाल का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मैं शराब प्रतिबंध का समर्थन करता हूं। इसे एक बार यहां प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन यह विफल रहा और प्रतिबंध हटा दिया गया।'