भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर दिल्ली के (एम्स) में निधन हो गया। 66 साल के जेटली पिछले काफी समय से बीमार थे और उन्हें 9 अगस्त को एम्स में भर्ती किया गया था। जेटली के निधन पर बीजेपी सहित तमाम विपक्षी नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। अपनी खराब सेहत के चलते उन्होंने सक्रिय राजनीति से खुद को दूर कर लिया था। हालांकि, वह राज्यसभा के सदस्य थे। जेटली का इलाज अमेरिका में हो चुका था। जेटली के निधन का समाचार पाकर देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है।जेटली की मौत की खबर मिलते ही गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद की अपनी यात्रा छोड़कर दिल्ली लौट रहे हैं।  28 दिसंबर को 1952 में नई दिल्ली पैदा हुए अरुण जेटली ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से की जबकि स्नातक की पढ़ाई श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से की। साल 1974 में वो दिल्ली विश्व विद्यालय के छात्र संगठन के अक्ष्यक्ष भी रहे।वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट करके गहरा शोक व्यक्त किया उन्होने कहा कि, 'भाजपा और अरुण जेटली जी का अटूट बंधन था। एक शानदार छात्र नेता के रूप में वह आपातकाल के दौरान हमारे लोकतंत्र की रक्षा करने में सबसे आगे थे। वह हमारी पार्टी के पंसदीदा चेहरा बन गए, जो पार्टी के कार्यक्रमों और विचारधारा को समाज के एक बड़े तबके तक ले जाते  थे।'उन्होने आगे लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेटली के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, 'अरुण जेटली जी एक राजनीतिक दिग्गज थे, जो बौद्धिक और कानूनी क्षेत्र में दक्षता रखते थे। वह एक मुखर नेता थे जिन्होंने भारत में स्थायी योगदान दिया।