अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का निधन बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि दोनों ही बौद्धिक स्तर पर भी गंभीर राजनेता थे. बीजेपी की हिंदुत्व की राजनीति पर जब भी सवाल उठते तो सुषमा और जेटली जवाबी हमले के लिए हमेशा तैयार रहते, जबकि दोनों ही नेता आरएसएस बैंकग्राउंड वाले नहीं थे. सुषमा स्वराज जहां बीजेपी में समाजवादी राजनीति से आई थीं तो जेटली की सोच उदारवादी और प्रगतिशील थी. प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में बीजेपी भले ही सत्ता के शिखर पर हो, लेकिन उनके सामने हताश हो चुके विपक्ष की कुर्सियों को सुषमा और अरुण जेटली जैसे नेता जरूर याद आएंगे.