Mahasamund (Chhattisgarh): छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 80 किमी दूर महासमुंद जिले का छोटा सा गांव है कोकड़ी। यहां का स्कूल चेतना विकास मूल्य शिक्षा के लिए प्राख्यात है। जहां बच्चे प्राथमिक शिक्षा के साथ ही जीवन विद्या का मर्म भी समझ रहे हैं।

कोकड़ी गांव के इस स्कूल की खासियत यह है कि यहां के प्राथमिक शाला में बच्चे केवल अक्षर ज्ञान और प्राथमिक शिक्षा ही ग्रहण नहीं करते हैं। बल्कि, उन्हें जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। अतिथि शिक्षक कोकड़ी पहुंचकर जीवन विद्या का पाठ पढ़ाते हैं। जीवन विद्या का पाठ पढ़कर यहां के बच्चे न केवल संस्कारवान बन रहे हैं, बल्कि उनमें सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार भी हो रहा है। कोकड़ी स्कूल के जीवन विद्या शिक्षण प्रणाली को देखने और बच्चों के साथ ज्ञान साझा करने दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।

वर्तमान शिक्षा बिना चेतना विकास के मूलक शिक्षा अधूरी है। माना जाता है चेतना विकास के साथ ही मूलक शिक्षा में मानवीयता का पूर्ण अध्ययन समावेशित है। बीते कई वर्षों से एक शिक्षकीय स्कूल होने के बावजूद यहां न तो एक दिन ताला लगा, न ही किसी वजह से स्कूल बंद हुआ। स्कूल में वर्तमान में 43 बच्चे हैं और पहली से पांचवीं तक पांच कक्षाओं के लिए एकमात्र शिक्षक हैं।

 

 देश-विदेश से शिक्षाविद व समाजसेवी आते हैं इस गांव में

 देश-विदेश के शिक्षविद व समाजसेवी कोकड़ी स्कूल में चल रहे चेतना विकास मूल्य शिक्षा के प्रभाव व महत्व जानने आते हैं।