बच्चे मन के सच्चे होते हैं। वह इस दुनिया के फरेब से कोसों दूर होते हैं। वह सभी को अपनी तरह ही मासूम और पाक मानते हैं। श्रीनगर में रहने वाली पांच साल की जन्नत की मासूमियत ने सभी का दिल जीत लिया है। जन्नत ने डल झील को साफ़ करने का जिम्मा उठाया है। जन्नत को डल झील की सफाई करते देख हर कोई उम्मीद और उत्साह से भर जाता है। वो अक्सर अपने पिता तारिक अहमद पटलू के साथ डल की सफाई करने निकल जाती है। सफाई के प्रति जन्नत के जज़्बे को पीएम मोदी ने भी सराहा। पीएम मोदी ने ट्वीट कर जन्नत की तारीफ की है। जन्नत के जज़्बे को देखकर आसपास के लोग भी सफाई के प्रति जागरुक हुए हैं और इस काम में अपना सहयोग दे रहे हैं। श्रीनगर के राजबाग स्थित लिंटन हॉल स्कूल में अपर केजी में पढ़ने वाली जन्नत का मकसद धरती पर जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर को साफ और स्वच्छ बनाना है। जन्नत को जिधर भी कचरा नज़र आता है, वो उसे एक जाले के साथ उठाकर अपने शिकारे पर रखती हैं।