आपने धनिया, पुदीना, टमाटर सहित कई तरह की चटनियों के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी लाल चीटियों की चटनी के बारे में सुना है? जी हां शायद ये बात आपको थोड़ी अटपटी लग सकती है लेकिन सच है। यह चटनी आपको कहीं और नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में मिलेगी। यहां रहने वाले आदिवासी लोग बड़े चाव से लाल चींटियों से बनी इस चटनी को खाते हैं। अच्छी बात ये है कि बस्तर की चापड़ा चटनी और दोना पुड़गा अब इंटरनेशनल मेन्यू में शामिल हो गया है।  लंदन के मशहूर शेफ जेम्स गॉर्डन रामसे कुछ समय पहले भारत के अलग-अलग प्रदेशों के प्रसिद्ध भारतीय व्यंजनों पर अपनी डाक्यूमेंट्री बनाने दिल्ली आए थे। इसी दौरान उन्होंने बस्तर में दरभा के मांझीपाल आने का प्रोग्राम बनाया। यहां आकर उन्होंने इन आदिवासी व्यंजनों को खाया और इसके स्वाद से बहुत प्रभावित हुए। रामसे की बस्तर यात्रा के दौरान मांझीपाल निवासी प्रसिध्द टूर गाइड रजनीश पणिकर ने उनकी काफी मदद की।