लोक प्रशासन की किताबों में जिलाधिकारी के दायित्वों के बारे में लिखा है कि समस्या चाहे कोई भी क्यों न हो, जिलाधिकारी उसे ज़रूर देखेगा। वह कार्यो का विभाजन कर सकता है उत्तरदायित्व का नहीं...बिजनौर जिलाधिकारी कार्यालय में लोक प्रशासकों ने अपने दायित्व बोध को नया विस्तार दिया है। दरअसल ये लोकसेवक एक ऐसी समस्या को सुलझाने में लगे हुए हैं जो बतौर लोक प्रशासक भले ही उनके उत्तरदायित्व के बारे में नहीं है लेकिन बतौर लोक सेवक इसे उनका उत्तरदायित्व कहा जा सकता है। यहां जिलाधिकारी कार्यालय का सभागार हर दिन दो घंटे के लिए कोचिंग क्लास में तब्दील हो जाता है। रोज दो घंटे की पढ़ाई होती है जिलाधिकारी के साथ अन्य आइएस और पीसीएस अधिकारी अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। ज़िलाधिकारी सहित अन्य आइएएस और पीसीएस अधिकारी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। इस पहल को शुरू करने के दौरान छात्रों की संख्या 20 थी जो अब बढ़कर 50 हो गई है।