कभी-कभी कुछ अप्रिय घटनाएं जीवन भर के लिए हमें कचोटती हैं ख़ासकर तब जब हमारी कोई गलती न हो। ऐसा ही कुछ हुआ दक्षिण कश्मीर के जिला शोपियां के सीडू गांव की रहने वाली इंशा मुश्ताक के साथ। इंशा के साथ जो हुआ उसे सुनकर आपका दिल तो भर आएगा ही लेकिन आप ये सोचने को जरूर मजबूर हो जाएंगे कि इस मासूम बच्ची की क्या ग़लती? दरअसल इंशा 12 जुलाई, 2016 को हिंसक प्रदर्शन को अपने घर की खिड़की से झांककर देख रही थी। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा दागे गए कुछ छर्रे उनकी आंखों में लग गए और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई खींचातानी का शिकार ये मासूम बच्ची बन गई। इंशा हाल ही में आए 10वीं की बोर्ड परीक्षा के परिणाम में पास हो गई है। जिस समय इंशा के साथ ये हादसा हुआ उस समय वो 8वीं क्लास में पढ़ रहीं थीं। इंशा के परिवार वाले काफी डरे हुए थे कि ये आगे की पढ़ाई कैसे करेगी लेकिन कहते हैं न कि जहां चाह वहां राह। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आपके हौसले बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी कठिनाई को भी आप हंसते खेलते पार कर लेते हैं।