मुंबई के जाने-माने इलाके पवई में 'मिर्ची एंड माइम' एक ऐसा रेस्तरां है जहां कुदरत की कमी को ताकत में बदला जाता है। बाहर से एक आम रेस्तरां की तरह दिखने वाले इस रेस्तरां को खास बनाते हैं इसमें काम करने वाले दिव्यांग लोग...जी हां यहां काम करने वाला स्टाफ न बोल सकता है और न ही सुन सकता है। इस रेस्तरां के मालिक प्रशांत इस्सर ने इस कांसेप्ट के बारे में हमें बताया। प्रशांत का कहना है कि फिलहाल इस रेस्तरां का स्टाफ 50 लोगों का है और आने वाले समय में वो पूरे भारत में अपने रेस्तरां की चैन खोलना चाहते हैं और इससे कम से कम 500 दिव्यांग लोगों को रोजगार मिल सकता है। वैसे आपको बता दें कि इस रेस्तरां के नाम में ही इस रेस्तरां की कहानी छिपी है 'मिर्ची' क्योंकि यहां के व्यंजन भारतीय हैं और तीखे भी और 'माइम' क्योंकि यहाँ पर इशारों में बात होती है।