सर्वे भवंतु सुखिन:, सर्वे संतु निरामय: का मूल मंत्र लेकर शहर का एक डॉक्टर नि:शक्तों के जीवन में रंग भर रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ ऑपरेशन कर सैकड़ों लड़खड़ाते कदमों को संवारा, बल्कि दिव्यांगों का विवाह कराकर उनके जीवन को सुखमय भी बना रहे हैं। हम बात कर रहे हैं शहर के गोमती नगर निवासी डॉ. जीएल आरोरा की। बतौर अर्थो सर्जन वह खुद एक अस्पताल चला रहे हैं। वहीं एक संस्था के तहत सामाजिक दायित्व भी निभा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न बीमारियों से विकलांगता का दंश झेल रहे बच्चों का मुफ्त में ऑपरेशन कर उन्हें सशक्त बनाया। यह नेकी का सिलसिला अभी भी उनका जारी है। ऐसा कर वह खुद को खुशनसीब महसूस करते हैं। डॉ. जीएल अरोरा के मुताबिक पोलियो, बच्चों के जन्मजात मुड़े पंजे (सीटीइवी), तिरछे पांव (जेन्युवेलगम, नॉक नी) व मायोपैथी जैसी बीमारियों का ऑपरेशन कर समस्या से निजात दिलाते हैं। डॉ. जीएल अरोरा के मुताबिक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में शिविर के आयोजन किए गए। उत्तर प्रदेश में आगरा, मथुरा, मुरादाबाद, शामली, बाराबंकी व गोंडा जनपद शामिल रहे।